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अखिलेश यादव और आजम खान का बड़ा फैसला, विधायक पद से दे सकते हैं इस्तीफ़ा सपा प्रमुख अखिलेश यादव को दोबारा सत्ता में लौटने के लिए एक बार फिर पांच साल इंतजार करना होगा.

उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को प्रचंड जनादेश मिला है. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव को दोबारा सत्ता में लौटने के लिए एक बार फिर पांच साल इंतजार करना होगा. इस बीच जानकारी मिली है कि अखिलेश यादव और पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान लोकसभा सदस्य बने रहेंगे. अगर ऐसा होता है तो उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ेगा.

बताया जा रहा है कि अभी लोकसभा में समाजवादी पार्टी के केवल 5 सदस्य हैं और सियासी माहौल को देखते हुए पार्टी लोकसभा में कमजोर नहीं होना चाहती. ऐसे में अखिलेश यादव और आजम खान विधानसभा सदस्य से इस्तीफा दे सकते हैं.

बता दें कि बीजेपी ने यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से 255 सीटों पर फतह हासिल की है. वहीं, समाजवादी पार्टी के खाते में 111 सीटें आई हैं. इसके अलावा अपना दल (सोनेलाल) ने 12 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस ने 2 और बसपा के खाते में सिर्फ 1 सीट ही आई है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल की झोली में 6-6 सीटें आई हैं. वहीं, राष्ट्रीय लोक दल के खाते में 8 और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक 2 सीटों पर विजयी हुई है.

चुनाव नतीजों के बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि उत्तर प्रदेश की जनता को भी हमारी सीटें ढाई गुनी और मत प्रतिशत डेढ़ गुना बढ़ाने के लिए भी धन्यवाद. चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि भाजपा का यह घटाव निरन्तर जारी रहेगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जो भ्रम और छलावा फैलाया है वह आधे से ज्यादा दूर हो गया है, बाकी कुछ दिनों में दूर हो जाएगा. समाजवादी पार्टी जनता की समस्याओं और विकास के मुद्दों को सदन के अंदर और बाहर मजबूती से उठाएगी. जनहित में संघर्ष अवश्य जीतेगा. समाजवादी पार्टी लोकतंत्र के लिए संकल्पित है.

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