Zindademocracy

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लड़ेंगे चुनाव, अखिलेश बोले – ‘बीजेपी ने उन्हें पहले ही घर भेज दिया’ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आज पहली सूचि जारी है, जिसमे सीएम योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर शहर से उम्मीदवार बनाया गया है।

Uttar pradesh | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आज पहली सूचि जारी है, जिसमे सीएम योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर शहर से उम्मीदवार बनाया गया है। पहले अटकले सामने आ रही थी के योगी आदित्यनाथ मथुरा या आयोध्या से चुनाव लड़ सकते है। योगी आदित्यनाथ को गोरख्पुर से टिकट मिलने पर अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर तंज कस्ते हुए निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि, जो कभी कहते थे कि मथुरा से चुनाव लड़ेंगे, कभी कहते थे प्रयागराज से तो कभी देवबंद से चुनाव लड़ने की बात कहते थे, मुझे खुशी है कि भाजपा ने उन्हें घर भेज दिया है।

उन्होंने कहा कि, मुझे लगता है कि उन्हें घर पर ही रहना पड़ेगा. उन्हें घर जाने पर बहुत बहुत बधाई। अखिलेश ने कहा कि योगी भाजपा के सदस्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया है. जो सीएम गोरखपुर में मेट्रो न चला पाएं हो, जो सीवर लाइन न बिछा पाए हों, जिसने बिजली महंगा कर दिया है, जनता उसे क्या उम्मीद करेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर में सभी सीटें समाजवादी पार्टी जीतेगी। अखिलेश ने कहा कि यूपी की 80 फीसदी जनता हमारे साथ है. इस बार जनता सरकार बदलने का पूरा मन बना चुकी है. उन्होंने कहा कि समाजवादी प्रोग्रेसिव पॉलिटिक्स कर रही है।

डिप्टी सीएम पर भी साधा निशाना-
अखिलेश यादव ने दोनों डिप्टी सीएम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, लोगों ने दो स्टूल वाले डिप्टी सीएम देखा है. एक स्टूल वाले डिप्टी सीएम का सफाई का काम था वो भी ठीक से नहीं किया. बाबा ने उन्हें सीएम नहीं बनने दिया. अखिलेश ने कहा कि, अब समाजवादी पार्टी में किसी भी भाजपा या अन्य दल के नेता को शामिल नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने कई विधानसभा सीटों का त्याग कर दूसरे दलों को साथ जोड़ रही है. हमने काफी त्याग किया है।

भाजपा हो चुकी हिट विकेट: अखिलेश यादव
अखिलेश ने कहा कि, भाजपा पहले ही हिट विकेट हो चुकी है, रनआउट हो चुकी है, पवेलियन से बाहर जा चुकी है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, कोशिश रहेगी कि जिस तरह से 2012 का घोषणा पत्र था, एजुकेशन, स्वास्थ्य, सोशल स्कीम आदि का ख्याल रखा जाएगा।

बीजेपी के 107 में 21 टिकट कटने पर कहा की अब मैं किसी भी टिकट कटने वाले को नहीं लूंगा. अखिलेश ने कहा कि कोई और मंत्री बीजेपी से सपा में आएगा तो उसे नहीं लिया जाएगा, हालांकि उन्होंने कहा कि एक की गुंजाइश अभी है. भीम आर्मी के चंद्रशेखर पर अखिलेश ने कहा कि रामपुर, मनिहारान और गाजियाबाद उनके लिए छोड़ी थी. अब सपा गठबंधन में एक के सिवा किसी और के लिए कोई जगह नहीं है.

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

Trending