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UP Chunaav 2022 : जानिए BJP मैनिफेस्टो में किये गए 10 बड़े वादे क्या हैं ! 2017 के मुक़ाबले BJP के MANIFESTO में इस बार कई बदलाव किकये गए हैं।

नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए घोषणा पात्र जारी कर दिया है। कॉलेज जाने वाली मेधावी लड़कियों को फ्री में स्कूटी और महिलाओं को होली और दीपावली में 2 एलपीजी सिलेंडर मुफ्त देने की बात कही गई। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवा छात्रों को मुफ्त कोचिंग देने का वादा किया गया है। 2017 के मुक़ाबले BJP के MANIFESTO में इस बार कई बदलाव किकये गए हैं।

आइये जानते हैं, BJP के घोषणा पत्र में कही गई 10 बड़ी बातें क्या हैं :-

1- साल 2017 में बीजेपी के संकल्प पत्र में योगी आदित्यनाथ का चेहरा नहीं था. बल्कि पीएम मोदी और अमित शाह थे, उनके अलावा कवर इमेज पर राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, केशव प्रसाद मौर्य और उमा भारती थीं. लेकिन अबकी बार सबकी तस्वीर गायब है. जेपी नड्डा, स्वतंत्र देव सिंह, केशव प्रसाद मौर्य को आखिरी पन्ने पर जगह दी गई है.

2- साल 2017 में बीजेपी का संकल्प पत्र 24 पन्नों का था, जिसमें 10 महत्वपूर्ण विषयों को रखा गया था. लेकिन अबकी बार संकल्प पत्र सिर्फ 12 पन्नों का ही है. हालांकि इस बार भी संकल्प पत्र में 10 विषयों को रखा गया है.

3- महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता को 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए तक किया जाएगा. विधवा एवं निराश्रित महिलाओं के लिए पेंशन को बढ़ाकर 1500 रु. प्रतिमाह किया जाएगा. स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली लगभग 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर एसएचजी क्रेडिट कार्ड के जरिए 1 लाख रु तक का ऋण न्यूनतम दर पर देने का वादा किया गया.

4- कॉलेज जाने वाली मेधावी छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रानी लक्ष्मी बाई योजना के अंतर्गत मुफ्त स्कूटी दी जाएगी. 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की जाएगी. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को होली और दीपावली पर 2 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे.

5- अगले 5 साल में सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली दी जाएगी. 5 सालों में एमएसपी पर गेहूं और धान की खरीद को और मजबूत करेंगे. गन्ना किसानों को 14 दिनों के भीतर भुगतान किया जाएगा. देरी होने पर भुगतान के लिए मिलों से ब्याज वसूल करके गन्ना किसानों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा. 5000 करोड़ की लागत के साथ गन्ना मिल नवीनीकरण मिशन के अंतर्गत चीनी मिलों का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण करेंगे. स्थानीय मांग के अनुसार प्रदेश में नई सहकारी चीनी मिल स्थापित करने का वादा किया गया.

6- प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे. साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए सौर ऊर्जा से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को बेचने की उचित व्यवस्था करेंगे.

7- निषादराज बोट सब्सिडी योजना शुरू की जाएगी, जिसके अंतर्गत मछुआरों को 1 लाख रुपए तक की नाव 40% सब्सिडी पर उपलब्ध कराएंगे. मछली बीज उत्पादन यूनिट स्थापित करने के लिए 25% तक की सब्सिडी दी जाएगी. 5000 करोड़ की लागत के साथ अवन्ति बाई लोधी स्वयं सहायता समूह मिशन शुरू करने का वादा किया गया, जिसके अंतर्गत 5 लाख नए महिला स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे.

8- प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन यूनिट स्थापित की जाएगी. लव जिहाद करने पर कम से कम 10 सालों की सजा और 1 लाख रुपए के जुर्माने का प्रबंध सुनिश्चित करेंगे. आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए देवबंद में एंटी टेररिस्ट कमांडो सेंटर का निर्माण पूरा किया जाएगा. मेरठ, रामपुर, आजमगढ़, कानपुर और बहराइच में इसी तरह एंटी टेररिस्ट कमांडो सेंटरों का निर्माण किया जाएगा.

9- सभी ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा. वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमान करने का वादा किया गया. वहीं दिव्यांगों की पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह करने का वादा किया गया.

10- अयोध्या में श्री राम से संबंधित संस्कृति शास्त्रों एवं धार्मिक तथ्यों पर शोध के लिए रामायण यूनिवर्सिटी को स्थापित करने का वादा किया गया. बुजुर्ग संतों और पुजारियों-पुरोहितों के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन किया जाएगा. 10,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ नोएडा में ग्रैंड फिल्म सिटी का निर्माण पूरा करने का वादा किया गया. वहीं प्रदेश में शूट होने वाली हिंदी, भोजपुरी, अवधी और ब्रज भाषा की फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए 2 करोड़ रुपए तक की नकद प्रोत्साहन राशि, बिजली, सब्सिडी एवं टैक्स सब्सिडी दी जाएगी.

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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