Zindademocracy

Russia Ukraine Conflict : चर्चहिल के शब्दों को दोहराते हुए जेलेंस्की ने हार मानने से किया इनकार

नई दिल्ली | यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यूनाइटेड किंगडम (UK) की संसद को संबोधित करते हुए अपने भाषण में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चहिल का जिक्र किया, जिसके बाद सभी सांसदों ने खड़े होकर उनके लिए तालियां बजाईं।

ब्रिटिश सांसदों को संबोधित करते हुए, जेलेंस्की ने चर्चिल के शब्द दोहराए, “हम हार नहीं मानेंगे. हम अंत तक लड़ेंगे, समुद्र में, हवा में लड़ेंगे. हम अपनी जमीन के लिए लड़ते रहेंगे, चाहे कुछ भी हो, जंगलों में, खेतों में, तटों पर, गलियों में…”

चर्चिल ने ये शब्द जून 1940 में हाउस ऑफ कॉमन्स को दिए अपने संबोधन में कहे थे, जब दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी द्वारा ब्रिटिश सेना को फ्रांस से पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया था।

जेलेंस्की का भाषण किसी विदेशी नेता द्वारा चैंबर का पहला वर्चुअल भाषण था। मिलिट्री-ग्रीन टी-शर्ट पहने और यूक्रेन के झंडे के बगल में बैठे, जेलेंस्की ने विलियम शेक्सपियर के भी कुछ शब्द कहे।

उन्होंने कहा – “अब सवाल हमारे होने या न होने का है. अब मैं आपको एक निश्चित उत्तर दे सकता हूं: हां, होना है.”

जेलेंस्की के भाषण पर UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा – “हमारे लोकतंत्र की सदियों में पहले कभी भी सदन ने इस तरह के भाषण को नहीं सुना. उन्होंने इस सदन में सभी के दिलों को प्रभावित किया है.”

जॉनसन ने आगे कहा कि पश्चिम, रूस पर हथियारों की आपूर्ति और आगे के प्रतिबंधों के साथ दबाव बनाने के लिए दृढ़ है।

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp
Share on telegram
Telegram
Trending