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UK-एक्शन- 23 क्विंटल से अधिक नकली पनीर जब्त

देहरादून । खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग औऱ पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

मंगलवार को जिला अधिकारी कार्यालय को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रायपुर क्षेत्र में पुलिस द्वारा संदिग्ध खाद्य पदार्थ —पनीर— को पकड़ा गया है।
सूचना पर तत्परता दिखाते हुए जिला अभिहित अधिकारी देहरादून मनीष सयाना तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, थाना रायपुर पहुंचे। इसके साथ ही अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजवर सिंह जग्गी द्वारा सचल खाद्य विश्लेषणशाला (Mobile Food Testing Lab) को तत्काल मौके पर भेजा गया।

प्राथमिक परीक्षण में उक्त पनीर में एस.एम.पी (स्किम्ड मिल्क पाउडर) और फॉर्मलीन जैसे हानिकारक रसायनों की उपस्थिति पाई गई, जो कि जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह द्वारा क्वालिटी डेयरी, तपोवन चौक का पनीर जब्त किया गया, जो कि शाहरुख खान, ढालीपुर, विकासनगर से लिया गया था।
थाना रायपुर की सूचना पर क्वालिटी डेयरी के गोदाम से लगभग 7 क्विंटल पनीर बरामद किया गया, जिसे अनहाइजीनिक परिस्थितियों में संग्रहित किया जा रहा था। सचल जांच रिपोर्ट में फॉर्मलीन की पुष्टि एवं पनीर की दुर्गंध और गुणवत्ता के क्षय को देखते हुए मौके पर ही उसे नष्ट कर दिया गया।

गुप्त सूचना पर ईश्वर विहार में बड़ी बरामदगी: 2 अभियुक्त गिरफ्तार

गुप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व थाना रायपुर पुलिस द्वारा अपर ईश्वर विहार स्थित एक दुकान पर छापेमारी की गई। मौके पर 1 पिकअप वैन से लगभग 1 क्विंटल 20 किलो पनीर उतरता हुआ मिला तथा गोदाम से लगभग 6 क्विंटल पनीर बरामद किया गया। खाद्य विभाग की टीम द्वारा जांच में पनीर को नकली व मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया।

पुलिस ने मौके से दुकानदार अब्दुल मन्नान और वाहन चालक आरिफ को हिरासत में लिया। पूछताछ में इन दोनों ने कबूल किया कि यह नकली पनीर मनोज, नरेन्द्र चौधरी और शाहरूख नामक व्यक्तियों द्वारा सहारनपुर के कासमपुर स्थित जंगलों में बनी अवैध फैक्ट्री से सप्लाई किया गया था।

सहारनपुर में फैक्ट्री पर छापा, 16 क्विंटल नकली पनीर बरामद, फैक्ट्री सील

सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व देहरादून पुलिस द्वारा सहारनपुर प्रशासन से संपर्क किया गया। मंडलायुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग, सहायक आयुक्त, उपजिलाधिकारी बेहट, खाद्य सुरक्षा अधिकारी व टीम ने संयुक्त रूप से फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां से 16 क्विंटल नकली पनीर, रसायन व उपकरण बरामद किए गए। फैक्ट्री को तत्काल सील कर नकली पनीर नष्ट किया गया।

कुल बरामदगी:

23 क्विंटल 20 किलो नकली पनीर

नकली पनीर की सप्लाई में प्रयुक्त पिकअप वाहन

गिरफ्तार अभियुक्त:

  1. अब्दुल मन्नान पुत्र सलीम अहमद, रायपुर रोड, ईश्वर विहार, देहरादून
  2. आरिफ पुत्र मेहंदी हसन, बैरागीवाला, थाना सहसपुर, देहरादून

खाद्य सुरक्षा विभाग का बयान:

डॉ. आर. राजेश कुमार, आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड ने कहा: “यह कार्रवाई राज्य के खाद्य तंत्र को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। नकली पनीर जैसे ज़हरीले उत्पादों पर कड़ी निगरानी और कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा। जनता से भी अपील है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।”
ताजवर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड ने कहा :
“जनस्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ यह कार्रवाई एक उदाहरण है। चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।” मिलावटखोरों के ख़िलाफ़ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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