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रूद्रपुर_सबके सहयोग से चमकेगा रूद्रपुर शहर – विकास शर्मा

रूद्रपुर -(एम सलीम खान संवाददाता) लोहा व्यापार मण्डल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महापौर विकास शर्मा ने व्यापारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया।

साथ ही रूद्रपुर शहर के समग्र विकास के लिए व्यापारियों से सहयोग की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से ही रूद्रपुर को स्मार्ट सिटी बनाया जायेगा। उन्होनें नगर निगम की आगामी योजनाओं के बारे में व्यापारियों को विस्तार से जानकारी भी दी।

लोहा व्यापार मण्डल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शहर के विकास के लिए किये जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए व्यापारियों ने महापौर को सम्मानित किया साथ ही मेयर के समक्ष कुछ समस्याएं भी रखी। जिनका महापौर ने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन किया।

महापौर ने कहा कि वह जनता के सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, जनता के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। कोई भी कभी भी आकर उनके सामने अपनी समस्या रख सकता है। नगर निगम के स्तर की जो भी समस्या होगी उसका समाधान प्राथमिकता से कराया जायेगा।

महापौर ने कहा कि चुनाव से पहले उन्होंने जनता से जो वायदे किये थे उन्हें एक एक करके धरातल पर उतारा जा रहा है। अभी उन्हें मात्र तीन माह का समय हुआ है। इन तीन महीनों में कई बड़े बदलाव शहर में देखने को मिल रहे हैं।

उत्तराखण्ड का पहला अत्याधुनिक वेंडिंग जोन नगर निगम ने शुरू कर दिया है। छोटे व्यापारियों के साथ ही जी-20 के दौरान उजाड़े गये व्यापारियों को भी वेंडिंग जोन में दुकानें दी गयी हैं। मुख्य बाजार को ठेली मुक्त करके फिलहाल ठेली व्यापारियों को अस्थाई रूप से शिफ्रट किया गया है।

शीघ्र ही उनकी स्थाई व्यवस्था भी नगर निगम द्वारा कराई जा रही है। रूद्रपुर में नगर निगम तीन और वेंडिंग जोन बनाने जा रहा है, जिससे पूरे शहर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। बाजार को व्यवस्थित बनाने के लिए फुटपाथ खाली कराये जा रहे हैं, इसके अलावा काशीपुर रोड पर भी शीघ्र ही नगर निगम अभियान चलाने जा रहा है।

महापौर ने कहा कि शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। नगर निगम सबको साथ लेकर चल रहा है। कुछ लोग बिना वजह की राजनीति करके शहर के विकास में रूकावट पैदा कर रहे हैं, ऐसे लोगों के साथ नगर निगम सख्ती से पेश आयेगा।

महापौर ने कहा कि रूद्रपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का उनका सपना है, इसके लिए सीएम धामी का पूरा आशीर्वाद और सहयोग उन्हें मिल रहा है। शहर में आने वाले दिनों में कई बड़ी योजनाएं धरातल पर उतरने जा रही है। शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए 710 करोड़ की योजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है।

शहर के गांधी पार्क को सुंदर बनाने के लिए पांच करेाड़ की डीपीआर तैयार की गयी है। इससे गांधी पार्क के 60 प्रतिशत हिस्से में हरियाली होगी। तीन नये गेट लगाये जायेंगे। सिंथेटिक ट्रैक बच्चों के झूले एवं महिलाओं के लिए ओपन जिम की व्यवस्था भी की जा रही है। गंगापुर रोड और भूरारानी रोड को डबल करने के लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है। साथ ही इनमें सुंदर लाईटिंग की भी व्यवस्था की जायेगी।

मेयर ने कहा कि शहर को सुंदर बनाने के साथ ही नगर निगम की आय बढ़ाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। नगर निगम शीघ्र ही मोदी मैदान के पास पेट्रोल पम्प स्थापित करने जा रहा है इसके अलावा शिवनगर मोड़ पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।

इसके साथ ही नगर निगम द्वारा एक हाईटैक बारात घर का निर्माण भी शीघ्र किया जायेगा। महापौर ने कहा कि रूद्रपुर में जनता की उम्मीद से अधिक विकास कार्य कराये जायेंगे। विकास की किरण शहर के हर वार्ड में कोने कोने तक पहुंचायी जायेगी।

जनता की सहूलियत के लिए नगर निगम ने आवास विकास में एक जोनल कार्यालय शुरू कर दिया है, इसके अलावा तीन और जोनल कार्यालय जल्द खोले जायेंगे। जिससे लोगों को नगर निगम से सम्बंधित काम कराना आसान होगा।

इस अवसर पर लोहा व्यापार मण्डल के अध्यक्ष बजरंग लाल गर्ग, सचिव कवलजीत सिंह, कोषाध्यक्ष मनेाज गर्ग, दर्शन लाल आनंद, सुरेश गर्ग, मनेाज कक्कड़, प्रेम सिंह, बंटू बांगा, वैभव गोयल, सतवीत सिंह, राजेन्द्र गोयल, मनीष गोयल, नितिन अग्रवाल, मयंक अरोरा, मनेाज गर्ग, शिवम टागरा,आदि उपस्थित थे।

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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