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मुरादाबाद: वृद्ध मां-बेटी की हथौड़ी से हत्या, पोते साहिल शर्मा को ऑटो खरीदने के लिए पैसे न देने पर घटना को दिया अंजाम

प्रयाग भारत, मुरादाबाद: सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में वृद्ध मां-बेटी की हथौड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई। वृद्धा के सगे पोते साहिल शर्मा उर्फ शानू ने ऑटो खरीदने के लिए पैसे न देने पर हत्याकांड को अंजाम दिया है। वारदात के बाद आरोपी बरेली में रहने वाली अपने फुफेरी बहन के घर पहुंचा और बहनोई को पूरी बात बताई। इसके बाद बहनोई उसे लेकर सिविल लाइंस थाने पर पहुंच कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बाद में पुलिस ने घर पहुंच कर दोनों शव बरामद किए।

थाना सिविल लाइंस के आजाद नगर रेलवे हरथला कालोनी निवासी सरोज शर्मा (90) के पति ओमप्रकाश शर्मा रेलवे में लोको पायलट थे, जिनकी लगभग 20 साल पहले मौत हो चुकी है। सरोज शर्मा की दो बेटियां संगीता और सीमा शादीशुदा हैं और अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में रहती हैं। उनके इकलौते बेटे नरेश शर्मा और बहू बीना शर्मा की भी 10 साल पहले मौत हो चुकी है। सरोज शर्मा के साथ मकान में उनकी एक अविवाहित बेटी वंदना शर्मा (56) और पोता साहिल शर्मा उर्फ शानू (31) रहते थे। पुलिस के अनुसार साहिल शर्मा काम धंधा नहीं करता है। दादी सरोज शर्मा को मिलने वाली पेंशन से ही पूरा परिवार पल रहा था।

पुलिस के अनुसार साहिल अपनी दादी से कई दिनों से ऑटो खरीदने के लिए पैसों की मांग कर रहा था। दादी सरोज और बुआ वंदना उसे पैसे देने से मना कर रहीं थी। इसी को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार रात भी साहिल का बुआ और दादी से विवाद हुआ था। शुक्रवार सुबह लगभग 5:45 बजे आरोपी साहिल ने अपने कमरे में सो रहीं बुआ के ऊपर हथौड़ी से एक के बाद एक कई वार किए, जिससे बुआ बेसुध हो गईं। बाद में उन्हें घसीटते हुए बरामदे तक ले गया। इस दौरान वृद्धा सरोज शर्मा ने बेटी को बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उनके सिर पर भी हथौड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी साहिल घर के मेन गेट पर ताला लगाकर बरेली में रहने वाली अपनी फुफेरी बहन सीमा के घर चला गया। वहां सीमा के पति सुबोध शर्मा को बताया कि उसने दादी और बुआ को मार दिया। दो लोगों की हत्या की बात सुनकर सुबोध दंग रह गए है और अपने साले विशाल को पूरी जानकारी दी। इसके बाद सुबोध और विशाल आरोपी साहिल को लेकर मुरादाबाद सिविल लाइंस थाने पर पहुंचे और उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता और एसएचओ मनीष सक्सेना पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तो दोनों वृद्ध महिलाओं का शव घर के अंदर पड़े थे। एसएसपी सतपाल अंतिल और एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह भी घटना स्थल पर पहुंच गए। बाद में फॉरेंसिक विभाग की फील्ड यूनिट बुलाकर मौके पर जांच पड़ताल कराकर साक्ष्य संकलन कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

एक युवक ने सिविल लाइंस थाने पर पहुंच कर बताया कि उसने अपनी दादी और बुआ की हत्या कर दी है। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो दोनों शव घर के अंदर पड़े मिले। पता चला है कि संपत्ति और ऑटो के लिए पैसों के विवाद में आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया है। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी को पुलिस ने बरामद कर लिया है। अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सतपाल अंतिल, एसएसपी मुरादाबाद

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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