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मेट्रो सिटी कानपुर का जल्द होगा अपना एयरपोर्टः सीएम योगी

कानपुर | कानपुर में गंगा अविरल और निर्मल हो चुकी है। मेट्रो के सेकेंड और थर्ड फेज का कार्य भी जल्द पूर्ण होने वाला है। दो डिफेंस कॉरिडोर में से एक का केंद्र बिंदु कानपुर ही है। स्मार्ट सिटी मिशन से कानपुर अत्याधुनिक सुविधाओं वाला शहर बनने की ओर अग्रसर है। कानपुर एयर कनेक्टिविटी से फिर जुड़ सके, इसके प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। जल्द ही मेट्रो सिटी कानपुर का अपना एयरपोर्ट भी होगा। यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कानपुर में प्रबुद्ध जन सम्मेलन के अवसर पर कहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कानपुर में 388 करोड़ रुपए की लागत वाली 272 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कानपुर स्मार्ट सिटी कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

70-80 के दशक में कानपुर को लगी थी बुरी नजर
सीएम योगी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कानपुर के गौरव को याद किया। उन्होंने कहा कि कानपुर कभी उत्तर भारत का मैनचेस्टर कहा जाता था। न केवल उत्तर प्रदेश के लिए बल्कि उत्तर भारत के नौजवानों और नागरिकों के रोजगार का भी यह एक माध्यम था, लेकिन 70 और 80 के दशक में कुछ लोगों की नजरें इस महानगर पर लगीं और यह अव्यवस्था, अराजकता, बंद होते उद्योगों का शिकार हो गया। महानगर को पुरातन पहचान दिलाने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में अभियान को आगे बढ़ाया गया है, जिसमें सबसे पहले कानपुर महानगर की पहचान पूर्ण सलिला मोक्षदायिनी मां गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए प्रयास किए गए हैं।

सीवर प्वॉइंट को सेल्फी प्वॉइंट में बदल दिया
सीएम योगी ने कानपुर में गंगा सफाई को लेकर प्रदेश सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि तीन वर्ष पहले पीएम मोदी स्वयं कानपुर आए थे और सीसामऊ नाला जिसमें 14 करोड़ लीटर सीवर गंगा में उड़ेला जाता था, उसे पूर्ण रूप से बंद करके सीवर प्वॉइंट को सेल्फी प्वॉइंट में बदलकर हमने अपने नैतिक दायित्व का परिचय देकर फिर से मां गंगा की अविरलता और निर्मलता को आगे बढ़ाने का कार्य किया था। नमामि गंगे का सबसे क्रिटिकल प्वॉइंट कानपुर को समझा जाता था। लोग कहते थे कि कानपुर प्रदूषण पैदा कर रहा है। कानपुर का सारा सीवर गंगा जी में जाता है। गंगा जी कहीं भी आचमन तो दूर स्नान करने लायक भी नहीं हैं। लेकिन कानपुर में किए गए प्रयोग का परिणाम है कि प्रयागराज में भी गंगा अविरल और निर्मल बनी हुई हैं। इसके दो उदाहरण स्पष्ट हैं। एक कानपुर के सीसामऊ नाले को पूरी तरह चॉक करते हुए हमने उसे सेल्फी प्वॉइंट में तब्दील किया है। दूसरा जाजमऊ के पास जहां एक भी जलीय जीव नहीं बचा था, आज गंगा में फिर से जलीय जीव दिखाई दे रहे हैं।

– कानपुर में प्रबुद्ध जन सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

– मुख्यमंत्री ने कानपुर को दी 388 करोड़ रुपए की 272 विकास परियोजनाओं की सौगात

– कानपुर में मेट्रो के दूसरे और तीसरे फेज का भी जल्द होगा लोकार्पणः योगी

– स्मार्ट सिटी मिशन से कानपुर अत्याधुनिक सुविधाओं वाला शहर बनने की ओर अग्रसर हैः सीएम

– कानपुर और झांसी के बीच बनाया जा रहा है लैंड बैंकः योगी आदित्यनाथ

डिफेंस कॉरिडोर का केंद्र बिंदु है कानपुर
कानपुर में बढ़ रही आधुनिक सुविधाओं के बारे में सीएम योगी ने कहा कि कानपुर आज अत्याधुनिक सुविधाओं को लेकर आगे बढ़ रहा है। तेजी से मेट्रो का विस्तार हो रहा है। मेरा अनुमान है कि सेकेंड और थर्ड फेज का कार्य भी जल्द पूर्ण होने की ओर है। हम कानपुर को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतरीन सुविधा देने का काम करेंगे। इलेक्ट्रिक बस सेवा पहले से ही कार्य कर रही है। देश के अंदर जो दो डिफेंस कॉरिडोर बन रहे हैं, उनमें से एक का केंद्र बिंदु कानपुर भी है। कानपुर, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट जैसे क्षेत्रों में डिफेंस कॉरिडोर से संबंधित नोड को लैंड बैंक और विकास के साथ जोड़ते हुए भारत के रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का केंद्र बिंदु एक बार फिर से कानपुर बनेगा इसके लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के सप्लीमेंट्री बजट में कानपुर और झांसी के बीच लैंड बैंक बनाने के लिए हमने 8 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की है।

स्मार्ट और सेफ हो रहे प्रदेश के शहर
कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की मुहिम के बारे में सीएम योगी ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने कैसे इस पुराने शहर को बदलने का काम किया है इसकी झलक अभी देखने को मिली। 400 करोड़ की अधिकतर परियोजनाएं स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़ी हुई हैं। स्मार्ट सिटी मिशन का परिणाम है कि जो हमने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) बनाया था, वह कोविड जैसी महामारी के दौरान एक तरफ कोविड प्रबंधन का काम करता था तो दूसरी तरफ कूड़ा प्रबंधन का भी बेहतरीन माध्यम बना था। टेक्नोलॉजी का उपयोग करके आम नागरिक के जीवन को कितना सहज और सरल बना सकते हैं, इसका यह उदाहरण है। हमारे शहर सुरक्षित हों इसके लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को इससे जोड़ने की योजना है। 18 शहरों की ट्रैफिक व्यवस्था को आईसीसीसी से जोड़ा जा रहा है। चौराहों पर अपराधियों की गतिविधियों को सीसीटीवी कैमरा ट्रैक करेगा। यदि किसी अपराधी ने एक चौराहे पर कोई शरारत की तो दूसरे चौराहे पर पुलिस उसको ढेर कर चुकी होगी। कोई भी सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास नहीं कर पाएगा।

25 हजार गरीबों को कानपुर में मिले आवास
गरीबों के जीवन में आए बदलाव पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कानपुर में अब तक 25 हजार से अधिक गरीबों को आवास मिले हैं, जिसमें 14 हजार शहर तो 11 हजार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदान किए गए हैं। आज मोदी जी के मार्गदर्शन में स्ट्रीट वेंडर्स को ब्याज फ्री लोन मुहैया कराया जा रहा है। अकेले कानपुर के अंदर 78 हजार से अधिक लोगों को ब्याज फ्री लोन देकर उनके स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया है।

कानपुर में एयर कनेक्टिविटी के लिए होगा सिविल टर्मिनल
प्रदेश सरकार की बदलती तस्वीर की ओर इंगित करते हुए सीएम बोले कि तेजी के साथ हमने शहरी जीवन को परिवर्तित करने का काम किया है। आज उत्तर प्रदेश को स्मार्ट सिटी, आईसीसीसी के साथ-साथ स्मार्ट रोड से लेकर एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए जाना जा रहा है। यहां का मेडिकल कॉलेज एक नई बुनियादी सुविधाओं से युक्त हो रहा है। कानपुर में गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियल्टी ब्लॉक के निर्माण की कार्यवाही मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। कानपुर एयर कनेक्टिविटी से फिर जुड़ सके, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। कानपुर में जितनी लोगों की भीड़ है, उसके हिसाब से यहां सिविल टर्मिनल का निर्माण होना चाहिए। इस कार्य को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया गया है। अभी न केवल मेट्रो सिटी, बहुत जल्द कानपुर का अपना एयरपोर्ट भी होगा।

निकाय चुनाव में मांगा आशीर्वाद
जल्द होने जा रहे नगरीय निकाय चुनावों के लिए भी योगी सरकार ने प्रबुद्धजनों का आशीवार्द मांगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ढेर सारी संभावनाएं हैं। ये सभी कार्य आज तेजी से बढ़ते हुए इसीलिए दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि कानपुर में विकास के लिए स्थानीय स्तर पर भाजपा का बोर्ड है। राज्य स्तर पर कोई योजना अटके न इसके लिए राज्य में आपकी सरकार है। केंद्र पर कोई योजना लटके न इसके लिए केंद्र में मोदी जी की सरकार है। ट्रिपल इंजन की सरकार विकास की गति को भी तीन गुना करती हुई दिखाई दे रही है। इन कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। कानपुर को एक्सपोर्ट्स हब के रूप में विकसित करना होगा। कानपुर को उसकी पुरातन पहचान दिलानी होगी। इसके लिए ट्रिपल इंजन की सरकार को आपका आशीर्वाद चाहिए।

प्रदेश के निवेशकों से की जुड़ने की अपील
सीएम ने प्रबुद्धजनों से प्रदेश में निवेश की भी अपील की। उन्होंने कहा कि फरवरी 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश सरकार के मंत्री विदेशों में रोड शो कर रहे हैं। एक डेलीगेशन जर्मनी में है तो ऑस्ट्रेलिया का एक डेलीगेशन मुझसे मिलने लखनऊ आया था। सब प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं। आप मेडिकल कॉलेज में निवेश कर सकते हैं। वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। शिक्षा के हब के रूप में सिटी को विकसित करने के लिए आप आगे आ सकते हैं। कानपुर में रिंग रोड का निर्माण हो रहा है। इसके किनारे ट्रांसपोर्टनगर बने, शिक्षा, स्वास्थ्य, एमएसएमई का केंद्र बने तो कहीं औद्योगिक सेक्टर के लिए उसे आरक्षित करें। उत्तर प्रदेश में हम हर निवेशक को पूरी सुरक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। तकनीक से युक्त व्यवस्था दे रहे हैं। देश का सबसे बड़ा सिंगल विंडो सिस्टम उत्तर प्रदेश के पास है जहां 350 से अधिक स्वीकृतियां एक साथ आपको प्राप्त हो सकती हैं। आपने शासन के साथ एमओयू किया, मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं निवेश सारथी पोर्टल के माध्यम से उसकी निगरानी कर रहा है। आपने निवेश कर दिया तो इंसेंटिव स्वतः आपके खाते में पहुंच जाएगा। कानपुर में ढेर सारी संभावनाएं हैं। निवेश करके आप प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।

लाभार्थियों को दी चाबी, चेक और प्रमाण पत्र

पीएम आवास योजनाः उवर्शी वर्मा, बीना देवी, यशोदा कनौजिया, सनूप कुमार, ज्योति सिंह।

पीएम स्वनिधिः जगदीश यादव, सुधा यादव, अजय कुमार कनौजिया, दिलीप कुमार

ओडीओपी योजनाः अमल गुप्ता (4.5 करोड़), कलीमुल्ला (2.8 करोड़), विनीत चावला (60 लाख)

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना टूल किटः सीता वर्मा, दिव्या पांडे

टैबलेटः आकांक्षा शुक्ला, स्मृति तिवारी, समीक्षा, प्रशस्ति बाजपेई

मुद्रा लोनः राजेंद्र कुमार सिंह

खेलो इंडिया के तहत निशुल्क कोचिंगः राम कुमार यादव, लक्ष्मी शुक्ला, दीपांजलि

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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