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काशी में आतिथ्य का अच्छा उदाहरण प्रस्तुत होना चाहिए: सीएम

वाराणसी | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सर्किट हाउस में 13 जनवरी को विश्व के सबसे लंबे क्रूज गंगा विलास के फ्लैग आफ कार्यक्रम और जी-20 सम्मेलन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। इसके सफलता आयोजन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गंगा विलास क्रूज के फ्लैग आफ कार्यक्रम के संबंध में बताया कि यह वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया होते हुए बिहार की सीमा में प्रवेश करेगा। सूबे में सभी जगह इसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। पर्यटकों के स्वागत की सर्वोत्तम व्यवस्था होनी चाहिए। पर्यटक जहां-जहां भी जाएं, वहां उन्हें साफ सुथरा माहौल मिले। सड़कों पर अतिक्रमण न हो। बनारस में आतिथ्य का अच्छा उदाहरण प्रस्तुत होना चाहिए।

अभी से देख लिए जाएं रूट
मुख्यमंत्री ने जी-20 शिखर सम्मेलन की बैठकों के संबंध में कहा कि बैठक वाले स्थानों के रूट को अभी से देख लिया जाए। विशेषकर होटल ताज से टीएफसी पहुंचने के रास्ते को पूरी तरह से व्यवस्थित किया जाए। उन्होंने वेंडरों  के व्यवस्थित पुनर्वास पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि व्यापारियों के साथ बैठक व संवाद बनाकर समस्याओं का समाधान किया जाए। वरुणा नदी की रेलिंग को यथाशीघ्र ठीक कराया जाए। सभी सड़कें अच्छी हों, उन्हें अनावश्यक न खोदा जाए। सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें। स्पीड ब्रेकर टेबल टॉप बनाना चाहिए।

कानून व्यवस्था पर पुलिस कमिश्नर से मांगी जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था के संबंध में कहा कि सुरक्षा का बेहतरीन माहौल होना चाहिए। कल महिला के साथ हुए दुर्व्यवहार पर उन्होंने पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की प्रगति के बारे में पूछताछ की। अपराधी के न पकड़े जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में कड़ा एक्शन होना चाहिए, जो नजीर बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहगीरों, व्यापारियों, महिलाओं की पूरी सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता होना चाहिए। उन्होंने ट्रैफिक की समस्या का स्थाई समाधान निकालने का भी निर्देश दिया।

व्यापारियों को निवेश के लिए करें प्रेरित
लखनऊ में 10-12 फरवरी तक होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इससे पहले जनप्रतिनिधि व्यापारियों के साथ बैठक कर स्थानीय निवेश के लिए उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी को गंगा विलास का फ्लैग आफ होगा। वाराणसी में कार्गो सेवा भी प्रारंभ होगी, इससे संबंधित जो भी समस्याएं हैं, उसे दूर किया जाए। काशी को एक्सपोर्ट हब के रूप में डेवलप किया जाए। टेंट सिटी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा, यह अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि जो भी इवेंट होने हैं, उनकी तैयारी अभी से पूर्ण कर ली जाए। सभी कार्य जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर किया जाए।

सीएम ने देखा प्रेजेंटेशन
बैठक में कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने G–20 के आयोजन से संबंधित जिला प्रशासन की तैयारियों का प्रेजेंटेशन दिए। साथ ही 13 जनवरी को आयोजित आयोजित होने वाले दुनिया के सबसे लंबे क्रूज गंगा विलास फ्लैग आफ कार्यक्रम से संबंधित प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने  17 से 20 जनवरी तक होने वाले बैलून फेस्टिवल एवं बोट रेसिंग कार्यक्रम के संबंध में प्रस्तुतीकरण दी। एडीजी जोन द्वारा गंगा विलास क्रूज की यात्रा के दौरान उसकी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम से संबंधित प्रस्तुतीकरण किया गया।

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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