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बेरोजगारों को रोजगार, सपनों को योगी सरकार कर रही साकार यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चयन के लिए चार चरणों में 6809 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र

लखनऊ | यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ मिशन रोजगार के जरिए युवाओं के सपनों को पंख लगा रहे हैं। 2017 में योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद से उत्तर प्रदेश में पात्रता ही नियुक्ति का एकमात्र पैमाना बना। इस पर खरा उतरने वाले अभ्यर्थियों को शुचितापूर्ण व पारदर्शिता से रोजगार के अवसर मुहैया कराए गए। मिशन रोजगार के जरिए सरकार ने अनेक क्षेत्रों में युवाओं को जहां अपने पैर पर खड़ा होने में मदद की, वहीं कइयों को स्वावलंबन से भी जोड़ा गया। लोकसेवा आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता पद पर ऑनलाइन नियुक्ति पत्र दिए गए। अभी तक चार चरणों में 6809 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर उन्हें शासकीय सेवा से जोड़ा गया।

1395 अभ्यर्थियों को जल्द दिए जाएंगे नियुक्ति पत्र
लोकसेवा आयोग की तरफ से राजकीय विद्यालयों में चयनित प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों को जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऑनलाइन नियुक्ति पत्र देंगे। मिशन रोजगार के तहत भ्रष्टाचार मुक्त, निष्पक्ष व पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत नवचयनित 1272 प्रवक्ता व 123 सहायक अध्यापकों सहित कुल 1395 अभ्यर्थियों को पांचवें चरण में जल्द ही नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

सहायक अध्यापक पद पर 6191 व प्रवक्ता पद पर 618 लोगों के सपनों को लगे पंख
मिशन रोजगार के तहत चार चरणों में 6809 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें से कइयों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो कुछ को जनपद स्तर पर नियुक्ति पत्र दिए गए। अब तक 6191 सहायक अध्यापक व 618 प्रवक्ता राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की सेवाओं से जुड़े।

प्रथम चरण में सीएम ने 23 अक्टूबर 20 को 3317 अभ्यर्थियों को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र सौंपा था। 19 जनवरी 2021 में 138 सहायक अध्यापकों व 298 प्रवक्ता समेत कुल 436 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।

फिर 12 अगस्त को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिर से युवाओं को शिक्षा विभाग में नौनिहालों का भविष्य संवारने के लिए 2846 चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र दिया। इनमें से 2667 सहायक अध्यापक व 179 प्रवक्ता हैं। चौथे चरण में ऑनलाइन नियुक्ति पत्र पाकर 210 लोगों की सरकारी नौकरी के सपनों को संजीवनी मिली। इनमें से 141 प्रवक्ता व 69 सहायक अध्यापक शामिल रहे।

शुक्रवार को 431 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे सीएम
लखनऊ, 15 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को 431 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे। लोकभवन में सुबह 11 बजे समारोह के दौरान कृषि विभाग में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। यह जानकारी कृषि निदेशक विवेक कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यर्थी शुक्रवार सुबह 7 बजे आधार कार्ड के साथ आयोजन स्थल पर पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराएं।

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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