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UP Fifth Phase Election: पांचवें चरण में 12 जिलों की इन 61 विधानसभा सीटों पर होगा मतदान, जानें सबसे हॉट सीटें

उत्तर प्रदेश विधानसभा के चार चरण हो चुके है, बाकी तीन चरणों पर मतदान होने है। 27 फरवरी को पांचवें चरण के मतदान होने है। पांचवें चरण में राज्य के 12 जिलों की 61 सीटों पर मतदान होगा। रविवार को होने वाली वोटिंग में सुलतानपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अमेठी और रायबरेली जिले में मतदान होना है।

पिछले चुनावों में 61 में से 47 सीटों पर बीजेपी ने मारी थी बाजी-
पांचवें चरण का चुनाव सपा-बसपा के साथ-साथ बीजेपी के लिए भी काफी अहम हैं। बीजेपी पर जहां पुरानी जीत कायम रखने की चुनौती है। वहीं सपा-बसपा को उससे आगे निकलने की चाह है। बीजेपी ने 2017 में इस चरण की 61 में से 47 सीटें जीती थी और सपा ने 2012 चुनाव में 41 सीटों पर परचम लहराया था।

पांचवे चरण के चुनाव की यह छह सबसे हॉट सीटें-
1 सिराथू: कौशांबी जिले की सिराथू सीट इस चरण की सबसे हॉट सीट है। यहां से प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भाजपा ने मैदान में उतारा है। समाजवादी पार्टी ने मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल को टिकट दिया है।
2 अयोध्या: भाजपा ने यहां से वेद प्रकाश को मैदान में उतारा है। सपा गठबंधन ने पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडेय पर फिर से भरोसा जताया है। बसपा ने रवि प्रकाश और कांग्रेस ने रीता को टिकट दिया है।
3 कुंडा: यहां से बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया मैदान में हैं। राजा भैया 1993 से लगातार यहां से जीत हासिल करते आए हैं। भाजपा ने सिंधुजा मिश्रा और बसपा ने मोहम्मद फहीम को टिकट दिया है। कांग्रेस ने योगेश कुमार को मैदान में उतार है।
4 इलाहाबाद पश्चिम: पश्चिम से योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह मैदान में हैं। सिद्वार्थ के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षा ऋचा सिंह को मैदान में उतारा है। बसपा ने गुलाम कादिर और कांग्रेस ने तसलीम उद्दीन को टिकट दिया है।
5 जगदीशपुर (एससी): अमेठी की इस सीट से भाजपा ने योगी सरकार में राज्यमंत्री सुरेश पासी पर फिर से भरोसा जताया है। सुरेश योगी सरकार में गन्ना विकास राज्यमंत्री हैं। सुरेश के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने विमलेश कुमारी, बसपा ने जितेंद्र कुमार और कांग्रेस ने विजय कुमार को मैदान में उतारा है।
6 चित्रकूट : यहां से भाजपा ने योगी सरकार में राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय पर फिर से भरोसा जताया है। चंद्रिका के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने अनिल प्रधान, बसपा ने पुष्पेंद्र सिंह और कांग्रेस ने निर्मला भारती को टिकट दिया है।

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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