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Stock market updates : Sensex 86 अंक चढ़ा, Nifty 18,300 के पार BSE सेंसेक्स 0.14% यानी करीब 86 अंको की तेजी के साथ 61,308 पर सेटल हुआ। इसी तरह, NSE का 50 शेयरों वाला निफ्टी 50 (Nifty) 0.29% यानी करीब 52 प्वांइट बढ़कर 18,308 पर पहुंच गया।

नई दिल्ली | भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को हरे निशान में बंद हुआ। मार्केट में आज यानी सोमवार को काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। BSE सेंसेक्स 0.14% यानी करीब 86 अंको की तेजी के साथ 61,308 पर सेटल हुआ। इसी तरह, NSE का 50 शेयरों वाला निफ्टी 50 (Nifty) 0.29% यानी करीब 52 प्वांइट बढ़कर 18,308 पर पहुंच गया।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.16% और निफ्टी स्मालकैप 100 इंडेक्स 0.6% चढ़ा.

Nifty के इन शेयरों में तेजी-
निफ्टी के 50 शेयरों में 34 शेयर मजबूती के साथ बंद हुए। निफ्टी के शेयरों में सबसे ज्यादा फायदा हीरो मोटोकॉर्प के शेयर को हुआ। हीरो मोटोकॉर्प का स्टॉक 5.11% उछलकर ₹2701 पर क्लोज हुआ। ग्रासिम, ONGC, टाटा मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर्स भी 2.73% से 3.48% तक चढ़े।

HCL Tech के शेयर में आई 6% की गिरावट
आईटी कंपनी एचसीएल टेक (HCL Tech) ने दिसंबर तिमाही में 3,442 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया, जोकि पिछली तिमाही से 5.4 प्रतिशत अधिक है। हालांकि कंपनी के दिसंबर तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। नतीजतन आज कंपनी के शेयर की पिटाई हुई। बीएसई पर एचसीएल टेक का शेयर 5.89% गिरकर ₹1258 पर बंद हुआ।

क्यों चढ़ा बाजार?
एशियाई बाजारों से आए मिले-जुले संकेतो के बीच सुबह सेंसेक्स 4 अंक नीचे 61,219 पर ओपन हुआ था। ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स ने 61,107 का इंट्रा-डे लो बनाया। बाजार मुख्य तौर से कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रियेक्ट कर रहा है। ऑटो शेयरों में आज अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसका मार्केट को फायदा हुआ।

वोलाटिलिटी इंडेक्स (VIX) 1.21% चढ़कर 16.76 पर आ गया।

किस सेक्टर ने कैसा किया परफॉर्म?
सोमवार को ऑटो स्टॉक्स में अच्छी तेजी देखने को मिली. निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2% से ज्यादा चढ़कर 11,881 पर बंद हुआ. FMCG, मेटल, रियल्टी और एनर्जी इंडेक्स भी 0.29% से 1.28% तक चढ़े. वहीं, फार्मा इंडेक्स सबसे ज्यादा 0.73% टूटा. बैंक, फाइनेंशियल सर्विस और IT इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए.

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Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

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