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जनता ने पोस्ट ऑफिस में जमा किये पैसे, पोस्ट मास्टर ने सट्टे में गवाए 1 करोड़ पोस्ट ऑफिस में डिप्टी पोस्टमास्टर पद पर तैनात विशाल अहिरवार ने 24 परिवारों की जमा पूंजी सट्टे में लगा दी।

जिला सागर, मध्य प्रदेश | MP के सागर जिले के बिना शहर में एक डिप्टी पोस्टमास्टर ने लोगों की एफडी के पैसे सट्टे में उड़ा दिए। खबर है कि वो IPL 2022 में 1 करोड़ रूपए हार गया। पोस्ट ऑफिस में डिप्टी पोस्टमास्टर पद पर तैनात विशाल अहिरवार ने 24 परिवारों की जमा पूंजी सट्टे में लगा दी। यह रकम विशाल को सागर जिले के एक पोस्ट ऑफिस में जमा करवानी थी। ग्राहक जब अपने खाते से पैसे निकालने पहुंचे तब मामले का खुलासा हुआ।

ग्राहकों ने जमा किये पैसे, बाद में खाता ही गायब
आजतक से जुड़े हिंमाशु पुरोहित के मुताबिक विशाल को बीना राजकीय रेलवे पुलिस ने 20 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में विशाल ने ग्राहकों की जमा पूंजी सट्टे में हारने की बात कबूल कर ली है।

बीना के जीआरपी थाना प्रभारी अजय धुर्वे ने बताया कि फरियादियों ने आवेदन दिया था कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन लोगों ने पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा कराया था, बाद में उन्हें पता चला कि उनका खाता उस पोस्ट ऑफिस में नहीं है।

अजय धुर्वे ने मीडिया को बताया,
“गिरफ्तार किए गए विशाल अहिरवार पर अभी आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और आईपीसी की धारा 408 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं. आरोपी पोस्टमास्टर ने नकली एफडी खातों के लिए वास्तविक पासबुक जारी किए और पिछले दो साल से आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी में पूरा पैसा लगाया.”

पैसा जमा करने वाले लोगों की बढ़ी मुश्किलें
बीना पोस्ट ऑफिस पहुंचे ग्राहकों ने बताया कि वे लोग बेहद परेशान हैं। उन्होंने पाई-पाई जोड़कर जो पैसे जरूरत के लिए जमा किए थे, उसे धोखाधड़ी कर उप डाकपाल विशाल अहिरवार ने निकालकर आईपीएल का सट्टा खेल लिया।

वर्षा बाथरी नाम की महिला ने आजतक से बातचीत में कहा,
”मेरे पति ने एफडी कराई थी। अखबार से पता चला यहां गड़बड़ हुई है। पैसा उप डाकपाल ने निकालकर गबन किया। यहां कोई जवाब नहीं देता। न मेरे पति हैं, न मेरे ससुर। मेरे परिजनों का बहुत बुरा हाल है। अब बताइए मैं कहां जाऊं?”

एक अन्य खाताधारक किशोरीबाई ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा
”हमने पांच लाख रुपये जमा किए थे। चार बेटियां हैं। अभी दो की शादी है. पोस्ट आफिस में कोई बात ही नहीं करता है। जरूरत पर जमा राशि का अता-पता नहीं है। अब कहते हैं पासबुक फर्जी है।”

पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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