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रामपुर के रण में विकास बनेगा मुख्य हथियार लोकसभा चुनाव के बाद से ही रामपुर के विकास कार्यों पर रही है योगी की नजर

लखनऊ | रामपुर के रण में इस बार विकास बनेगा मुख्य हथियार
विधानसभा चुनाव के बाद से ही रामपुर के विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर यहां के विकास कार्यों पर रही है। देश में नजीर बन चुका योगी के कानून व्यवस्था का मॉडल तो रहेगा ही।

दरअसल लोकसभा एवं विधानसभा की जो सीटें और जो क्षेत्र विपक्ष के गढ़ रहे हैं उनको भेदने के लिए भाजपा दीर्घकालिक रणनीति पर काम करती है। सिर्फ चुनावों के समय ही नहीं। लगातार। इसके अब तक के नतीजे भी बेहतर रहे हैं। मसलन कुछ महीने पहले हुए लोकसभा के चुनावों में भाजपा ने समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ एवं रामपुर की सीटें सपा से छीन लीं। आजमगढ़ में भोजपुरी गायक एवं भोजपुरी फिल्मों के कलाकार दिनेशलाल निरहुआ को जीत मिली। यहां मुलायम सिंह के भतीजे धर्मेंद्र यादव बहुजन समाज पार्टी के गुड्डू जमाली से भी पीछे रहे।

मालूम हो कि आजमगढ़ को सपा का गढ़ माना जाता रहा है। इस सीट का प्रतिनिधित्व स्वर्गीय मुलायम सिंह एवं उनके पुत्र अखिलेश यादव भी कर चुके हैं।
इसी तरह रामपुर की सीट से भाजपा के घनश्याम सिंह लोधी ने सपा के आसिम राजा को हराया था। रही बात रामपुर विधानसभा क्षेत्र की तो यहां करीब दो दशकों से आजमखान विधायक हैं। उपचुनाव भी उनके अयोग्य होने पर ही हो रहा है, पर ये सारी बातें अतीत की हो गईं। आजमगढ़ पर परचम लहराकर भाजपा ने साबित कर दिया कि कोई भी सीट उसके लिए अभेद्य नहीं है। रामपुर भी नहीं।

रामपुर एवं आजमगढ़ की लोकसभा सीटों को जीतने के बाद ही आगामी चुनावों के लिए भाजपा इनको अपने लिए अभेद्य बनाने की रणनीति पर जुट गई थी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाने वाले योगी आदित्यनाथ ने योगी-2 के 100 दिन पूरे होने पर जो समीक्षा बैठक की थी उसमें शासन के शीर्ष अधिकारियों से कहा था कि रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में स्थानीय जनता ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों में अभूतपूर्व विश्वास जताया है। हमें इस विश्वास और उनके भरोसे पर खरा उतरना होगा। सभी विभाग इन दोनों जनपदों से सम्बंधित विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर लें, कोई भी प्रस्ताव लंबित न रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी इन क्षेत्रों में संचालित/लंबित विकास परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

साथ ही यह भी कहा था कि आजमगढ़ का हरिहरपुर संगीत साधकों की पुरातन स्थली है। संगीत जगत के लब्ध प्रतिष्ठ लोगों से परामर्श कर उनकी मंशानुरूप यहां कला-संगीत साधकों के हित में आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाए। बिलासपुर (रामपुर) चीनी मिल का सुदृढ़ीकरण का कार्य यथाशीघ्र किया जाए। आजमगढ़ के दौरे के दौरान भी उन्होंने हरिहरपुर का खास तौर से जिक्र किया था।

योगी के पिछले कार्यकाल में रामपुर में हुए तीन हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य
रही रामपुर के विकास कार्यों की बात तो योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की मंजूरी दी गई थी। इनमें काफी कार्य पूरे भी हो गए हैं।

नए साल के पहले दिन योगी ने दी थी करीब 96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
इसी तरह नए साल (2022) के पहले दिन ही रठौंडा मेला मैदान में अपनी जनसभा को संबोधित करने से पहले 25 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही रामपुर को 95.56 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की भी सौगात दी। इन सभी विकास योजनाओं पर काम भी चल रहे हैं। कुछ पूरी हो गईं हैं। कुछ पूरी होने वालीं हैं। बाकी भी जल्दी ही पूरी हो जाएंगी।

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