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PANKHURI PATHAK: वो पढ़ी लिखी नेता जिसे कांग्रेस ने पंकज सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है कभी अखिलेश की करीबी मानी जाती थी पंखुड़ी , अब प्रियंका ने दिखाया भरोसा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उमीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने अपनी पहली सूचि में 125 उम्मीदवारों का नाम शामिल है। इस सूची में 30 महिलाओं को भी टिकट दिया गया है। इन महिलाओं में प्रियंका ने पिछले दिनों कई मामलों में चर्चित रही महिलाओं को टिकट दिया है।

वहीं प्रियंका गांधी के अभियान ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के तहत नोएडा विधानसभा सीट से पंखुड़ी पाठक को टिकट मिला है। दिल्ली विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति से सक्रिय पंखुड़ी कभी सपा मुखिया अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की करीबी भी रह चुकी हैं। आइए जानते हैं पंखुड़ी पाठक कौन हैं….

कौन हैं पंखुड़ी पाठक?
पंखुड़ी पाठक का जन्म वर्ष 1992 में दिल्ली में हुआ था। उनके पिता डॉ. जेसी पाठक और मां डॉ. आरती पाठक निजी प्रैक्टिस करते हैं। पंखुड़ी का एक छोटा भाई भी है, जिनका नाम चिराग पाठक है। साल 2010 में हंसराज कॉलेज की जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव जीतने के बाद पंखुड़ी ने 2 से 3 साल तक पार्टी की तरफ से प्रत्याशि‍यों को छात्रसंघ का चुनाव भी लड़वाया। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स है। सोशल मीडिया के साथ वह जमीनी राजनीति में भी बहुत सक्रीय है।

दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री
पंखुड़ी पाठक अपने बेबाक अंदाज़ के चलते यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान टीवी चैनलों पर होनेवाली बहसों में अपनी बुलंद आवाज़ के चलते काफी चर्चा में रही। उन्‍होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली है। पंखुड़ी का कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है। उनके माता-पिता डॉक्‍टर हैं। साल 2010 में पंखुड़ी दिल्‍ली के हंसराज कॉलेज में जॉइंट सेक्रेट्री का चुनाव जीता था। तब उनकी उम्र महज 18 साल थी और यहीं से मुख्‍यधारा की राजनीति में उनकी एंट्री हुई थी।

लोहिया वाहिनी की राष्ट्रीय सचिव रह चुकी है पंखुड़ी-
दिल्ली के छात्रसंघ चुनाव में पंखुड़ी ने समाजवादी पार्टी को मजबूत किया था। 2013 में उन्हें लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। ट्विटर पर पंखुड़ी ने कई बारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे-सीधे निशाना साधा है। यही कारण है कि कई पार्टियों के दिग्‍गज उन्‍हें फॉलो करते हैं। पंखुड़ी पाठक कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट हैं। इंटरनेट मीडिया के साथ जमीनी राजनीति में भी बहुत सक्रिय हैं।

पंखुड़ी ने सपा नेता रहे अनिल यादव से रचाया विवाह-
पंखुडी ने कुछ विवादों के चलते समाजवादी पार्टी को छोड़ दिया था और कुछ समय बाद कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। पंखुड़ी ने दिसंबर 2019 में सपा नेता रहे अनिल यादव से शादी की। अनिल यादव की ये दूसरी शादी है। उनका पहली पत्नी से तलाक हो चुका है।

पत्नी पंखुडी पर हुई अभद्र टिप्पणी के चलते पति अनिल ने दिया इस्तीफा-
दरअसल, पिछले साल कांग्रेस नेता पंखुड़ी पाठक पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में नया मोड़ आ गया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल यादव ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफा आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा था- ‘पत्नी पंखुड़ी पाठक पर पार्टी नेताओं ने अशोभनीय टिप्पणी की है। इससे आहत होकर उन्होंने प्राथमिक और आजीवन सदस्यता से इस्तीफा दिया है।

प्रियंका को पंखुड़ी ने कहा शुक्रिया-
कांग्रेस नेता पंखुड़ी पाठक नोएडा से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताते हुए टिकट दिया है। टिकट मिलने पर पंखुड़ी पाठक ने प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि मैं लड़की हूं, एक लड़की की मां हूँ। मेरा यह संघर्ष भारत की सभी लड़कियों को समर्पित है। मुझे नोएडा से प्रत्याशी बनाने के लिए धन्यवाद प्रियंका दीदी।

समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने पंखुड़ी को बनाया निशाना-
बीते साल फरवरी में पंखुड़ी पाठक ने एक पोस्ट शेयर किया थी। इस पोस्ट के एक हिस्से में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी नजर आ रहे हैं जबकि दूसरे हिस्से में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने जौनपुर दौरे की तस्वीर में दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही तस्वीर में ‘समाजवाद बनाम समाजवाद का लिफाफा’ लिखा हुआ था। पंखुड़ी पाठक द्वारा ये पोस्ट शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर बवाल मच गया और समाजवादी पार्टी के समर्थक उन पर टूट पड़े। उन्होंने पंखुड़ी पाठक को बेहद गंदी-गंदी गालियां भी दीं।

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