Zindademocracy

उत्तराखंड_धनौला पंचायत में स्वच्छता महोत्सव का आयोजन, पर्यावरण सखियों को किया गया सम्मानित

धनौला, रायपुर (उत्तराखंड)- रायपुर ब्लॉक की धनौला पंचायत में वेस्ट वॉरियर्स संस्था द्वारा स्वच्छता महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें पर्यावरण सखियों के स्वच्छता के प्रति योगदान को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रायपुर ब्लॉक की छह पंचायतों के पर्यावरण संरक्षक, सरकारी अधिकारी, ग्राम प्रधान, शिक्षक, महिला मंडल सदस्य और युवा योद्धा सहित करीब 150 लोग शामिल हुए।

मुख्य अतिथियों ने किया स्वच्छता का आह्वान

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि युगल किशोर पंत (आईएएस, निदेशक स्वजल एवं सचिव, धर्मस्व , संस्कृति और भाषा, उत्तराखंड) ने ग्रामवासियों से स्वच्छता के लिए निरंतर कार्य करने और इस पहल से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक पहल नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है।

अन्य प्रमुख अतिथियों में संयुक्त निदेशक हिमाली जोशी पेटवाल (पंचायती राज एवं स्वजल), जिला पंचायत सदस्य बीर सिंह चौहान,   मंजू जोशी (सामुदायिक विशेषज्ञ, स्वजल), ABDO नरेंद्र नोटियाल और VPO अशरफ राजा मौजूद रहे। LIC HFL CSR के क्षेत्रीय प्रमुख अभिषेक जॉन ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और वेस्ट वॉरियर्स के प्रयासों की सराहना की।

पर्यावरण सखियों को किया गया सम्मानित 

वेस्ट वॉरियर्स संस्था की पर्यावरण सखियों को उनके समर्पण और धनौला प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। पिछले तीन वर्षों से ये सखियां छह पंचायतों में 96 हज़ार किलो ग्राम सूखे कचरे को प्रोसेस कर पुनःचक्रण के लिए भेज चुकी हैं, जिससे पंचायतों में स्वच्छता की एक नई लहर आई है। इस मॉडल के तहत वर्तमान में सात सखियां कार्यरत हैं।

परियोजना की सफलता और भविष्य की योजना

कार्यक्रम में रायपुर ब्लॉक परियोजना की तीन वर्षों की यात्रा, इसकी उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। भास्कर पिचाई जी ने ठोस कचरा प्रबंधन को सभी पंचायतों तक विस्तार देने की जरूरत पर जोर दिया।

स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया गया, जिनके प्रयासों से पंचायत में सफाई इकाई कवरेज 17% से बढ़कर 40% हो गया है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

कार्यक्रम में यंग वॉरियर्स क्लब के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए कचरा प्रबंधन और कचरे के स्रोत पर ही अलगाव की जरूरत को समझाया।

भरतनाट्यम स्कूल के छात्रों ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर सांस्कृतिक रंग भरा।

खैरी और धनौला पंचायत की महिला मंडल ने लोकगीत गाकर समा बांधा।

पर्यावरण सखियों ने शानदार नृत्य प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

अतिथियों ने वेस्ट वॉरियर्स के प्रयासों को सराहा

कार्यक्रम के अंत में श्री अभिषेक जॉन ने वेस्ट वॉरियर्स संस्था के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण में इनका प्रयास अनुकरणीय है।”

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य योजना

इस आयोजन में वेस्ट वॉरियर्स के निदेशक मयंक शर्मा, नवीन कुमार सडाना, विनोद सोलंकी, असलम खान, दीपा गड़िया, निकिता, पूजा, करण सहित संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

इसके अलावा, ग्राम प्रधान सुनीता देवी (कार्लिगॉर्ड), सुनीता छेत्री, बीडीसी धीरज थापा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस आयोजन में भाग लिया।

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

Budget 2022 : मनमोहन बनाम मोदी, जनिए किस सरकार ने वसूला ज़्यादा TAX नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी. बजट में एक आम आदमी की नजर इनकम टैक्स में छूट पर ही रहती है. कोरोना महामारी के चलते आम आदमी की कमाई बहुत प्रभावित हुई है, इसलिए इस बार आम आदमी इनकम टैक्स कोई बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहा है. मोदी सरकार में बढ़ी टैक्स-फ्री इनकम मोदी सरकार में टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश हर बजट में की गई है. मनमोहन सरकार (Manmohan Government) में सालाना 2 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने अपने पहले ही बजट में इसकी सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख तक कर दी थी. यानी, सालभर में अगर 2.5 लाख रुपये तक कमाते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. आया नया इनकम टैक्स सिस्टम 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, उसमें उन्होंने एक नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी. नई स्कीम में ये कहा गया कि अगर आप सारी छूट छोड़ देते हैं तो आपको कम टैक्स देना होगा. नई स्कीम में नए स्लैब भी जोड़े गए. वहीं, पुरानी स्कीम उन लोगों के लिए थी जो छूट का लाभ लेते थे और कई जगह निवेश करते थे. मोदी सरकार में इनकम टैक्स को लेकर क्या-क्या बदलाव हुए? ये जानने से पहले ये समझना जरूरी है कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार में कितनी कमाई पर कितना टैक्स लगता था. इसे आप इस टेबल से समझ सकते हैं. मोदी सरकार में इनकम टैक्स में हुए बदलाव 2014 : टैक्स छूट सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 2.5 लाख से 3 लाख हुई. साथ ही सेक्शन 80C के तहत, टैक्स डिडक्शन की लिमिट 1.1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये हुई. होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई. 2015 : सेक्शन 80CCD (1b) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई करने वालों पर सरचार्ज 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया. 2016 : सालाना 5 लाख से कम कमाने वालों के लिए टैक्स रिबेट 2,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई. घर का किराया देने वालों के लिए टैक्स छूट 24,000 से बढ़ाकर 60,000 की गई. घर खरीदने वालों को 35 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज के लिए 50,000 रुपये की टैक्स छूट दी गई. 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर सरचार्ज 15 फीसदी किया गया. 2017 : सभी टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये की टैक्स छूट दी गई. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख तक कमाने वालों के लिए टैक्स रेट 10% से घटाकर 5% किया गया. 50 लाख से 1 करोड़ तक कमाने वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया. 2018 : सैलरीड क्लास वालों के लिए 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया. इसके बदले में 15,000 रुपये के मेडिकल रिइंबर्समेंट और 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर टैक्स छूट खत्म की गई. सेस 3% से बढ़ाकर 4% किया गया. वरिष्ठ नागरिकों की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम को टैक्स छूट दी गई. साथ ही 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट क्लेम करने की भी सुविधा दी. 2019 : टैक्स रिबेट की लिमिट 2,500 से बढ़ाकर 12,500 रुपये की गई. स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया. किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये की गई. पहले ये सीमा 1.80 लाख रुपये थी. बैंक या डाकघरों में जमा रकम पर आने वाले 40,000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री किया गया. 2020 : नई इनकम टैक्स स्कीम की घोषणा की गई. अब टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स स्लैब के दो ऑप्शन हैं. पुरानी स्कीम में सारी छूट का लाभ मिलता है, लेकिन नई स्कीम में किसी छूट का लाभ नहीं मिलता है. अगर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं लेते हैं तो नई स्कीम से टैक्स जमा कर सकते हैं. 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट मिली, बशर्ते उनकी कमाई पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती हो. पिछले बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई थी.

Trending