Zindademocracy

योगी आदित्यनाथ का निर्देश, UP में अब रोज़ लगेगा 8 घंटे का Night Curfew मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एग्रेसिव ट्रेसिंग टेस्टिंग त्वरित ट्रीटमेंट और तेज टीकाकरण के साथ कोविड संक्रमण की की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सभी जनपदों में रात्रि 10 बजे से प्रात छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू प्रभावी करने का निर्देश दिया।

उत्तर प्रदेश | UP में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर के गति पकडऩे के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। कोविड प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय टीम-09 को उन्होंने सभी जिलों में रविवार रात दस बजे से ही रात्रिकालीन कर्फ्यू को प्रभावी करने का निर्देश दिया। इससे पहले एक हजार से अधिक एकिटव केस वाले जिलों में दस बजे से नाइट कर्फ्यू प्रभावी होता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एग्रेसिव ट्रेसिंग, टेस्टिंग, त्वरित ट्रीटमेंट और तेज टीकाकरण के साथ कोविड संक्रमण की की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सभी जनपदों में रात्रि 10 बजे से प्रात: छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू ू प्रभावी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। सभी जगह पर मास्क के प्रयोग, फिजिकल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

उनका निर्देश है कि निगरानी समितियां और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूर्णत: सक्रिय करें। होम आइसोलेशन, निगरानी समितियों से संवाद, एम्बुलेंस की जरूरत और टेलिकन्सल्टेशन क लिए पृथक-पृथक नम्बर जारी करें। जनपदीय आईसीसीसी में चिकित्सकों का पैनल तैनात करते हुए लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।

jagran

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिखें। उन्हें होम आइसोलेशन में रखते हुए इलाज किया जाए और उनकी निरन्तर मॉनीटरिंग की जाए। को-मॉर्बिड मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को संक्रमण से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए, यदि वे संक्रमित हों तो उनके इलाज की प्रक्रिया की सतत मॉनीटरिंग हो। उन्हें तत्काल मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। निगरानी समितियां अपना कार्य प्रभावी ढंग से करें। गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डों में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें। निगरानी समितियां घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ सभी शिक्षण संस्थानों में 16 जनवरी तक भौतिक रूप से पठन-पाठन स्थगित रखने को भी कहा है। उनका निर्देश है कि इस दौरान केवल ऑनलाइन मोड में पढ़ाई हो। इस अवधि में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी।

 

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp
Share on telegram
Telegram
Trending